आदित्य चौधरीकविता · व्यंग्य · सम्पादकीय

कविता

पीते हम हैं

पीते हम हैंबहकते आप हैंजीते हम हैंचहकते आप हैंखिलते हम हैंमहकते आप हैंरोते हम हैंसिसकते आप हैंऔर...जलते हम हैंदहकते आप हैं